ताजनगरी आगरा के लिए गौरव का क्षण: भारत-स्विट्जरलैंड उच्चस्तरीय राजनयिक कार्यक्रम में शामिल हुए प्रसिद्ध उद्योगपति एवं डीसीएफ़एलआई के चेयरमैन पूरन डावर
आगरा। ताजनगरी आगरा के औद्योगिक जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर रहा, जब देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित हैदराबाद हाउस में आयोजित भारत-स्विट्जरलैंड के उच्चस्तरीय राजनयिक कार्यक्रम में आगरा के प्रमुख उद्योगपति, डावर ग्रुप के चेयरमैन तथा भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (DCFLI) के चेयरमैन श्री पूरन डावर की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन (Guy Parmelin) एवं कैरोलिन पार्मेलिन के साथ श्री पूरन डावर का यह स्मरणीय क्षण आगरा के उद्योग जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।
द्विपक्षीय वार्ता और आर्थिक सहयोग:
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और आर्थिक सहयोग को नई गति प्रदान करना रहा। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने तथा औद्योगिक एवं आर्थिक साझेदारी के नए अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक पहचान:
इस अंतरराष्ट्रीय अवसर पर आगरा के उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री पूरन डावर की उपस्थिति इसलिए भी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि उन्होंने अपने लंबे औद्योगिक एवं सामाजिक जीवन में आगरा के फुटवियर उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 1994 में 'आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर' की स्थापना में उनकी अग्रणी भूमिका रही, जिससे स्थानीय निर्माताओं और निर्यातकों को एक सशक्त साझा मंच मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व:
वर्तमान में श्री पूरन डावर भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (DCFLI) के चेयरमैन और बोर्ड ऑफ ट्रेड के गैर-सरकारी सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन दायित्वों के माध्यम से वह देश के फुटवियर एवं लेदर उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता, निर्यात संवर्धन और नीतिगत सुधारों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी से नई संभावनाएं:
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के अंतर्गत अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे समय में जब भारतीय फुटवियर एवं लेदर उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत बना रहा है, यह आयोजन देश और विशेषकर आगरा के लिए नए कारोबारी और तकनीकी अवसर लेकर आया है।

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