श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी तथा उनके साथ शहीद हुए वीर शहीद भाई मतीदास जी, भाई सतीदास जी और भाई दयाला जी की 350 साला शहीदी शताब्दी को समर्पित एक भावपूर्ण एवं अमृतमयी गुरबाणी कीर्तन दीवान का आयोजन गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर विभव नगर, आगरा में श्रद्धा और प्रेम के साथ सम्पन्न हुआ,
आगरा। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी तथा उनके साथ शहीद हुए वीर शहीद भाई मतीदास जी, भाई सतीदास जी और भाई दयाला जी की 350 साला शहीदी शताब्दी को समर्पित एक भावपूर्ण एवं अमृतमयी गुरबाणी कीर्तन दीवान का आयोजन गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर विभव नगर, आगरा में श्रद्धा और प्रेम के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन दीवान में दिल्ली से विशेष रूप से पधारे प्रसिद्ध रागी जत्थे ने गुरु घर की साध संगत को गुरबाणी रस में डुबो दिया। दिल्ली से पधारे कीर्तनिये सबसे पहले दिल्ली से पधारीं बीबी इन्द्रजीत कौर जी एवं भाई रविन्दर सिंह जी (दिल्ली वाले) और साथीयों ने शहीदों की लासानी कुर्बानियों का जिक्र करते हुए बेहद भावपूर्ण कीर्तन सेवा निभाई, उनकी अमृतमयी वाणी तथा शहीदां दी याद में गाए गए शबदों ने संगत की आंखों को नम कर दिया और वातावरण 'खालसा जी के बोल बाले बोलो जी वाहेगुरु' के नाम सिमरन संगतो द्वारा अद्भुत दृश्य अपने गुरुओ के समर्पित,इसके उपरांत हजूरी रागी भाई हरजिन्दर सिंह जी (विक्की वीर) एवं साथियों ने भी प्रेम-रस से भरे कीर्तन द्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब जी की त्यागमयी बाणी का गायन किया, संगत बार-बार वाहे...