"साहसिक निर्णय और अद्भुत नेतृत्व – मोदी जी के राजनैतिक नेतृत्व के २५ वर्ष"
आगरा। प्रसिद्ध चिंतक एवं विश्लेषक श्री पूरन डावर ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राजनैतिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने तथा उनके जन्मदिवस के अवसर पर एक विस्तृत आलेख जारी किया है। इस आलेख में श्री डावर ने गुजरात के मुख्यमंत्री काल से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी के सफर, उनकी कार्यशैली और उनके दूरदर्शी नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया है।
आलेख के मुख्य बिंदु:
प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी का उपयोग: वर्ष 2012 में एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी (श्री सिंघला) के साथ अपने संस्मरण को साझा करते हुए श्री डावर ने बताया कि कैसे गांधीनगर के कार्यकाल के दौरान ही श्री मोदी की कार्यशैली—तकनीक का उपयोग, जनता से सीधा संवाद और ऑनलाइन सुझावों को महत्व देना—की चर्चा प्रशासनिक हलकों में होने लगी थी।
गुजरात से राष्ट्रीय क्षितिज तक का सफर: वर्ष 2001 में भूकंप जैसी आपदा से जूझते गुजरात की कमान संभालने के बाद, श्री मोदी ने 'ज्योतिग्राम योजना', 'ई-ग्राम' और 'वाइब्रेंट गुजरात' जैसे आयोजनों के माध्यम से राज्य को विकास के एक नए मॉडल के रूप में स्थापित किया, जिसने अंततः 2013 में उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व के रूप में उभारने में अहम भूमिका निभाई।
ऐतिहासिक वर्ष 2014 और 'विजय शंखनाद': वर्ष 2013 के अंत में आगरा से शुरू हुई विजय शंखनाद रैली और गोवा अधिवेशन का स्मरण करते हुए श्री डावर ने बताया कि किस प्रकार देश की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के रूप में स्वीकार किया। शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों को आमंत्रित कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की मुख्य लड़ाई गरीबी के खिलाफ है।
विश्वस्तरीय नेतृत्व और वैश्विक पहचान: पिछले 25 वर्षों के सफर में 'सबका साथ, सबका विकास', आत्मनिर्भर भारत और 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। महामारी जैसे कठिन दौर में भी भारत के नेतृत्व क्षमता की पूरी दुनिया ने सराहना की है।
लेख के अंत में श्री पूरन डावर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके 75वें जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके दीर्घायु होने और देश को निरंतर नेतृत्व प्रदान करने की मंगलकामनाएं व्यक्त की हैं।

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