दसलक्षण पर्व पर आत्मस्पंदन ध्यान शिविर का होगा आयोजन
मुनिश्री समत्व सागर ने परीक्षाओं के दौरान धार्मिक पर्वों में बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने की उठाई मांग
आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज, मुनि श्री 108 शील सागर महाराज एवं मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में 16 से 25 सितंबर 2026 तक दसलक्षण पर्व के अवसर पर ‘आत्मस्पंदन ध्यान शिविर’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर प्रेसवार्ता एवं पोस्टर विमोचन किया गया।
मुनि श्री समत्व सागर महाराज ने कहा कि दसलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, साधना और जीवन को उत्कृष्ट बनाने का पर्व है। उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य केवल पूजा के विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने के आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्वों के दौरान स्कूल-कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित होने से बच्चों की धार्मिक एवं नैतिक गतिविधियों में भागीदारी प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि धार्मिक पर्वों के दौरान परीक्षाओं और प्रतियोगी गतिविधियों के आयोजन से बचा जाए, ताकि बच्चे भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ सकें।
मुनिश्री ने अहिंसा, जीवदया और ‘जीओ और जीने दो’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि दसलक्षण पर्व के दस दिनों में मांस-मदिरा जैसी हिंसात्मक प्रवृत्तियों पर रोक और स्लॉटर हाउस बंद रखने की दिशा में भी प्रयास होने चाहिए।
इस अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के रमेश जैन, मुकेश जैन (लले), शैलेश जैन, सचिन जैन, आशु जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, राजीव, चक्रेश, दीपक, संभव, लव, धर्मेन्द्र, कैलाश जैन, रोहित जैन, राहुल जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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