युवा डरने वाला नहीं, संवाद कीजिए… लाठी और आँसू गैस से आवाज़ें नहीं दबेंगी: शालिनी सिंह पटेल"


बाँदा। जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाएँ लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता को लगता है कि इस तरह के दमन से देश का युवा डर जाएगा, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब सरकार संवाद के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाती है, तो यह संदेश जाता है कि वह जनता के सवालों और असंतोष से चिंतित है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि देश के हर नागरिक को इतिहास से सीख लेनी चाहिए। शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने केंद्रीय विधानसभा में बम यूँ ही नहीं फेंका था, बल्कि बहरी सत्ता तक जनता की आवाज़ पहुँचाने के लिए ऐसा किया था। उन्होंने हँसते-हँसते फाँसी का फंदा स्वीकार किया, लेकिन अन्याय और गुलामी के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। रानी लक्ष्मीबाई ने भी पराधीनता स्वीकार करने के बजाय अंतिम सांस तक संघर्ष का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि यदि किसी को लगता है कि आज का युवा डरकर चुप बैठ जाएगा, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। देश का युवा जाग चुका है और अपने संवैधानिक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना जानता है। उन्होंने कहा कि आज हर बेटे को भगत सिंह और हर बेटी को रानी लक्ष्मीबाई के साहस, त्याग और देशभक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत लाठी, आँसू गैस या दमन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास, संविधान का सम्मान और संवाद है। यदि सरकार को अपने निर्णयों पर विश्वास है, तो उसे देश के युवाओं से खुलकर संवाद करना चाहिए, क्योंकि विचारों और आवाज़ों को बल प्रयोग से हमेशा के लिए नहीं दबाया जा सकता।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट बांदा....

Comments

Popular posts from this blog

डॉ. सुशील गुप्ता लगातार पाँचवी बार (2018-28) निर्विरोध पुनः अप्सा के अध्यक्ष चुने गए

सूरसदन में वार्षिक उत्सव 2025 का भव्य आयोजन - दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत, बच्चों की कृष्ण लीला पर आधारित प्रस्तुतियों ने जीता हृदय

प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में हुआ प्रस्तावना कॉनक्लेव 2.0 (निर्वाचिका सभा) अंतर्विद्यालयी समिति आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन