उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित लूट, गलत बिलिंग, बिजली कटौती और प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता के विरोध में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जोरदार प्रदर्शन किया

आगरा। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही कथित लूट, गलत बिलिंग, बिजली कटौती और प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता के विरोध में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिला विद्युत उपकेन्द्रों पर जोरदार प्रदर्शन किया, इसी क्रम में जिला आगरा में जिला अध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन चीफ इंजीनियर प्रशासन विकास सिंघल को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को “डिजिटल लूट” बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस जनविरोधी व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग उठाई।

इस मौके पर ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ हृदेश चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है और यह अब जनता को राहत देने के बजाय आर्थिक शोषण का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इतने “स्मार्ट” हो गए हैं कि बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली काट देते हैं, लेकिन रिचार्ज के बाद भी 2 से 12 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती। यह व्यवस्था न केवल तकनीकी रूप से विफल है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

जिला अध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 78 से 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। लाखों उपभोक्ता गलत बिलिंग, तेजी से बैलेंस खत्म होने और बिजली कटौती से परेशान हैं। कई मामलों में जहां पहले ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वह अब बढ़कर ₹6000–7000 तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह सीधा-सीधा जनता की जेब पर हमला है।

जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लगभग 3 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के इस प्रोजेक्ट में करीब ₹20,000 करोड़ का खर्च दिखाया गया है, जिसमें बड़े स्तर पर घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका है। उन्होंने कहा कि पहले मीटरों की कीमत सिंगल फेज के लिए ₹6016 और थ्री फेज के लिए ₹12000 तक वसूली गई, जिसे विरोध के बाद घटाया गया। इससे साफ है कि इस पूरी योजना में पारदर्शिता नहीं है और जनता से मनमानी वसूली की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ इसे वैकल्पिक बताती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा जबरन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और बाद में उन्हें प्रीपेड में बदल दिया जाता है। यह जनता के साथ सीधा धोखा है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों और किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल है और कई जगह तारों की स्थिति भी खतरनाक बनी हुई है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में नलकूपों (ट्यूबवेल) पर भी सरकार द्वारा 4G सिम-आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है, लेकिन इन मीटरों के कारण किसानों को अत्यधिक बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्याओं के चलते मीटर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। यह योजना किसानों के लिए राहत के बजाय अतिरिक्त परेशानी का कारण बन गई है।

आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में अपना आंदोलन और तेज करेगी और सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज मजबूती से उठाएगी। आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से यतींनंदन आर्य कृष्ण गोपाल उपाध्याय, अश्वनी शर्मा,ताजुद्दीन खान, संजय भारती, मनोज राम, रितिक सिंह, आनंद कुमार, पंकज चावला, इंद्र कुमार वर्मा, हर्ष कुमार सिंह, रणवीर चौधरी, बीके ठाकुर, सलमान अब्बास, रितेश हैरिसन, ऋषभ सिंह आदि तमाम लोग उपस्थित रहे ल


 संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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