रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के दूसरे दिन आगरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, जगह-जगह संजय सिंह का भव्य स्वागत* *भर्ती घोटालों, पेपर लीक और देरी ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, सरकार जवाब दे: संजय सिंह* *दलितों पर अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी अव्वल, कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल: संजय सिंह* *स्कूल-अस्पताल छोड़ श्मशान-कब्रिस्तान की राजनीति में उलझी मोदी-योगी सरकार: संजय सिंह* *विदेश नीति की गलतियों से महंगा तेल खरीदकर जनता पर डाला जा रहा अतिरिक्त बोझ: संजय सिंह* *युवाओं के हक की इस लड़ाई को जनांदोलन बनाकर सरकार को जवाब देना होगा: दिलीप पाण्डेय(पूर्व विधायक एवं सह प्रभारी आप यूपी)* *शिक्षा, रोजगार और सम्मान की लड़ाई में आम आदमी पार्टी हर वर्ग के साथ खड़ी है: विशेष रवि(विधायक, आप दिल्ली)*
आगरा। 4 अप्रैल 2026 आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में 3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक निकली “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के दूसरे दिन शनिवार को आगरा की जनता का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व समर्थन देखने को मिला, जहां शहर से गांव तक सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने पदयात्रा को अपनी आवाज़ बना लिया और जगह-जगह कार्यकर्ताओं व नागरिकों द्वारा फूल-मालाओं से सांसद संजय सिंह का भव्य और जोरदार स्वागत किया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि यह पदयात्रा अब बेरोज़गारी, सामाजिक अन्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई में आम आदमी पार्टी की सशक्त आवाज़ बन चुकी है।
दूसरे दिन पदयात्रा अगरावन वाटर वर्क्स चौराहा से शुरू होकर आरसीएस फार्म हाउस, खंदौली हाथरस रोड होते हुए सूरज फार्म हाउस तक पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। पूरे मार्ग में “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” के नारों की गूंज रही और हर पड़ाव पर जनता ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। यह पदयात्रा 9 अप्रैल को भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में समाप्त होगी।
पदयात्रा के दौरान रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी नीतिगत विफलता और सुनियोजित साजिश का हिस्सा बन चुकी है।
संजय सिंह ने कहा कि लाखों पद खाली होने के बावजूद भर्तियां वर्षों तक लंबित हैं। पुलिस भर्ती, दरोगा चयन और 69000 शिक्षक भर्ती जैसे मामलों में देरी व विवादों ने युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया है। वहीं लेखपाल, कनिष्ठ सहायक सहित कई परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द हुईं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा रोजगार की मांग करते हैं तो उनकी आवाज दबाई जाती है और उन पर बल प्रयोग किया जाता है। यह सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। संजय सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा बेरोजगार युवाओं के हक और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनेगी।
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते सामाजिक अन्याय पर ठोस घटनाओं और आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है। इटावा में पिछड़ी जाति के कथावाचक की चोटी काटकर अपमानित किया गया, लखनऊ के काकोरी में दलित बुजुर्ग के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, रायबरेली में फतेहपुर निवासी 40 वर्षीय दलित हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि मुरादाबाद, मैनपुरी और वाराणसी में दुष्कर्म की घटनाएं सामने आईं।
उन्होंने इन घटनाओं को आंकड़ों से जोड़ते हुए कहा कि एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक अनुसूचित जाति के खिलाफ सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी प्रदेश शीर्ष राज्यों में है। संजय सिंह का आरोप है कि जब दलित उत्पीड़न और महिला अपराध दोनों में प्रदेश आगे हो, तो यह स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल है और योगी आदित्यनाथ सरकार कमजोर वर्गों को सुरक्षा देने में असफल रही है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी-योगी सरकार को स्कूल और अस्पताल बनाने की नहीं बल्कि श्मशान और कब्रिस्तान बनाने की चिंता है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद हो रहे हैं, मिड-डे मील में बच्चों को नमक-रोटी मिल रही है, अस्पतालों में टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन हो रहे हैं, बेड पर कुत्ते घूम रहे हैं और मिर्जापुर में महिलाओं को सड़क किनारे प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लेकिन भाजपा सरकार को जनता से जुड़ी इन समस्याओं पर कोई बात नहीं करनी है।
संजय सिंह ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान के साथ ऐतिहासिक रिश्तों के बावजूद 2019 तक मिलने वाला सस्ता तेल छोड़कर सरकार ने देश पर महंगे आयात का बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका और वेनेजुएला से दूर से तेल मंगवाने के कारण कई गुना अधिक खर्च जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि तेल-गैस संकट के समय सरकार खामोश क्यों रही और ईरान में 160 बच्चियों की मौत और 100 ईरानी नौसैनिकों की शहादत पर भी कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उनका आरोप है कि गलत नीतियों के कारण जनता को लाइन में खड़ा होना पड़ा और अब समय आ गया है कि लोग बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और अपने भविष्य के लिए सच्चाई को समझ ले
पदयात्रा के दौरान दिल्ली के पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी दिलीप पाण्डेय ने कहा कि “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं, वंचितों और शोषित वर्ग की आवाज़ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा आज बेरोजगारी, भ्रष्ट भर्ती प्रक्रिया और अन्याय से त्रस्त है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। आम आदमी पार्टी इस पदयात्रा के माध्यम से जनता की आवाज़ को सड़क से संसद तक पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने अपील की कि प्रदेश का हर युवा, हर वर्ग इस आंदोलन से जुड़े और इसे जनांदोलन बनाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करे।
इस मौके पर दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक विशेष रवि ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान का संकट लगातार गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो मॉडल दिया है, वही पूरे देश के लिए समाधान है। उत्तर प्रदेश में भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी भर्ती और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा इसी बदलाव की शुरुआत है और आम आदमी पार्टी हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जो अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रहा है। ब्रज प्रांत की अध्यक्ष डॉक्टर हृदेश चौधरी जी ने भी सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की।
संजय सिंह ने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में इस पदयात्रा से जुड़ें और 7500040004 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर इस आंदोलन को मजबूत बनाएं, ताकि बेरोज़गारी, अन्याय और भेदभाव के खिलाफ यह लड़ाई निर्णायक मुकाम तक पहुंच सके। यात्रा में मुख्य रूप से दिलीप पांडेय सह प्रभारी उत्तर प्रदेश,
सभाजीत सिंह, दिल्ली विधायक विशेष रवि , ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ हृदेश चौधरी, जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ चतुर्वेदी, दिलीप बंसल, मेम्बर सिंह अशोक कमांडो, नीलम यादव, विनय पटेल, राजेश यादव, वंश राज दुबे,अंकुश चौधरी, जनक प्रसाद, जगदीश यादव, सुधाकर यादव, प्रशांत यादव, संजीव निगम, मनोज मिश्रा, अंजनी मिश्रा, भगत सिंह बघेल, शीलेन्द्र वर्मा, ताजुद्दीन ख़ान, अरुण प्रताप आदि लोग मौजूद रहे।
संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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