रोजगार दे वरना 10 हज़ार बेरोजगारी भत्ता दे योगी सरकार: संजय सिंह “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा को तीसरे दिन भी आगरा में जबर्दस्त समर्थन, जगह-जगह संजय सिंह का हुआ जोरदार स्वागत- पेपर लीक से बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य, 94 लाख आवेदन पर सिर्फ 58 हजार नौकरियां: संजय सिंह- रोजगार और सामाजिक न्याय से वंचित प्रदेश, दलितों, महिलाओं और युवाओं पर हो रहा अत्याचार: संजय सिंह- प्रदेश में बढ़ते सामाजिक भेदभाव को खत्म करने निकली आप की 'रोज़गार दो सामाजिक न्याय दो' पदयात्रा: संजय सिंह- हाथरस की धरती पर अन्याय के खिलाफ जनआवाज़ बन रही पदयात्रा, जनता ने दिया ऐतिहासिक समर्थन: दिलीप पाण्डेय-


आगरा। 5 अप्रैल 2026 उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ़ आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो- सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा को रविवार को तीसरे दिन भी आगरा की जनता का ज़बरदस्त समर्थन मिला। आप यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा आगरा के खंदौली स्थित सूरज फार्म हाउस से शुरू होकर दोपहर को हाथरस की सीमा में प्रवेश करते हुए सादाबाद स्थित राधा कृष्ण मैरिज हॉल दोपहर विश्राम के लिए पहुंची जिसके बाद शाम होते होते बिहारी जी फार्म हाउस पहुंची। इस दौरान आगरा में जहां-जहां से भी यह पदयात्रा गुजरी, बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, माताओं की दुआएँ, युवाओं का जोश और जनता ने जिस तरह संजय सिंह का जबरदस्त स्वागत किया, उन सबने इस "रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो" पदयात्रा को और मजबूत किया।

आगरा से हाथरस प्रवेश करने तक रास्ते भर युवाओं, वकीलों, महिलाओं और बुजुर्गों ने पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई और फूलों की मालाएं पहनाकर लोगों ने खुले दिल से संजय सिंह का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान शिक्षामित्र, आशा बहुएं, आंगनवाड़ी, और रेडी पटरी वाले दुकानदारों ने अपने नेता संजय सिंह को रोककर उनसे अपनी समस्याओं को साझा किया। लोग “रोज़गार दो- सामाजिक न्याय दो” के नारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह की अगुवाई में यह पदयात्रा धीरे-धीरे जनआंदोलन का रूप ले रही है।

पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी की भयावह स्थिति को उजागर करते हुए कहा कि मनरेगा में 65% गिरावट, भर्तियों में पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने से प्रदेश की रोजगार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या 6.15 लाख से घटकर मात्र 2.21 लाख रह गई है, जो सरकार की नीतियों की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

उन्होंने आगे कहा कि “94 लाख आवेदन पर सिर्फ 58 हजार नौकरियां देना इस बात का सबूत है कि प्रदेश का युवा किस स्तर की बेरोज़गारी झेल रहा है। ऊपर से पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं।” उन्होंने 2026 में पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती में पेपर लीक के आरोप, टेलीग्राम पर पेपर बिकने और 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द होने का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।

सामाजिक न्याय के मुद्दे पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि हाथरस से बाराबंकी तक दलितों, महिलाओं और युवाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और पूरा प्रदेश रोजगार और न्याय दोनों से वंचित होता जा रहा है। उन्होंने 2020 के हाथरस कांड, सहपऊ क्षेत्र में दलित विधवा के साथ दुष्कर्म, बाराबंकी में युवती के साथ दुष्कर्म, कानपुर में महिला उत्पीड़न और गोरखपुर में पंचायत के दौरान महिला की हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अकेली घटनाएं नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 25 करोड़ नागरिकों के मुख्यमंत्री हैं वह केवल किसी विशेष जाति या धर्म के मुख्यमंत्री नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को समझनी चाहिए।

इस दौरान संजय सिंह ने कहा कि अनपढ़ राजा को आपके बच्चों की पढ़ाई से कोई लेना-देना नहीं है; अस्पतालों की बदहाली, काला धन, गिरता हुआ रुपया और गैस का संकट जैसे गंभीर मुद्दे भी मोदी सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखते। इसके बजाय सरकार नफ़रत का ज़हर फैलाने में लगी है और जनता से कह रही है कि असली मुद्दों को भूलकर “केरला फाइल्स” देखो, जबकि हम कह रहे हैं कि देश को सच्चाई जाननी है तो “एप्स्टीन फाइल्स” देखो—ताकि ध्यान भटकाने की राजनीति के बजाय असली सवालों पर जवाबदेही तय हो सके।

संजय सिंह ने कहा कि “उत्तर प्रदेश में दलित, महिला और युवा — तीनों सबसे ज्यादा पीड़ित वर्ग बन चुके हैं। गांव में रोजगार नहीं, शहर में नौकरी नहीं और समाज में न्याय नहीं। बीजेपी सरकार सिर्फ आंकड़ों में रोजगार दे रही है, जमीन पर बेरोजगार लाइन में खड़े हैं।”

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर युवाओं को तत्काल रोजगार नहीं दिया गया तो उन्हें हर महीने 10,000 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, वरना आम आदमी पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।

इस दौरान आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पाण्डेय ने कहा कि हाथरस की धरती पर यह पदयात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जनता का समर्थन मिल रहा है, वह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि “रोज़गार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की यह पदयात्रा आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन का रूप लेगी और बीजेपी सरकार को जवाब देने पर मजबूर करेगी।”

जिला आगरा की सीमा समाप्त होने पर जिलाध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी के नेतृत्व में तमाम साथियों सहित संजय सिंह का फूल मालाओं से धन्यवाद किया गया इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस यात्रा से आगरा में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में पहले से ज़्यादा उत्साह देखने को मिलेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली की करोलबाग विधानसभा से आप विधायक विशेष रवि जी, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह , ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ हृदेश चौधरी, जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ चतुर्वेदी, दिलीप बंसल, मेम्बर सिंह अशोक कमांडो, नीलम यादव, विनय पटेल, राजेश यादव, वंश राज दुबे,अंकुश चौधरी, जनक प्रसाद, जगदीश यादव, सुधाकर यादव, प्रशांत यादव, संजीव निगम, मनोज मिश्रा, अंजनी मिश्रा, भगत सिंह बघेल, शीलेन्द्र वर्मा, ताजुद्दीन ख़ान, अरुण प्रताप आदि लोग मौजूद रहे।


संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा....

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