पितृपक्ष के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा
आगरा। पितृपक्ष के पावन एवं पुण्य दिनों में केदार नगर, शाहगंज स्थित स्वामी टेऊराम महाराज जी के पावन आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन चल रहा है। इस कथा श्रवण से जहाँ पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है, वहीं परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है। श्रद्धालुजन इस अमृतमयी कथा में सहभागी होकर आत्मिक शांति और परम आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
कथा वाचन में दीदी भगवंती साजनानी जी ने बताया कि—"भागवत आत्माओं की शुद्धि, पूर्वजों की शांति और पितृ दोषों के समाधान का सर्वोत्तम साधन है। पितृपक्ष में भागवत श्रवण करने से पितरों को शांति मिलती है और अनेक जन्मों के पाप-दोष समाप्त होकर परिवार में समृद्धि आती है।" उन्होंने आगे कहा कि जैसे राजा परीक्षित ने अपने अंतिम समय में भागवत श्रवण से मोक्ष प्राप्त किया, उसी प्रकार पितृपक्ष में भागवत कथा सुनना मन को शांति देता है और सभी प्रकार की शंकाएँ एवं दुःख दूर करता है। कथा के आज के प्रवचन में शास्त्र का यह गूढ़ संदेश विशेष रूप से दिया गया—"अत्यधिक सुख भोगने वाला और अत्यधिक दुःख भोगने वाला, दोनों ही मन को बिगाड़ते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह संयम और संतोष के साथ जीवन जीए, क्योंकि तप ही मन को शुद्ध करता है और भगवान की कृपा पाने का मार्ग प्रशस्त करता है।" समाजसेवी श्याम भोजवानी आश्रम परिवार ने सभी भक्तजनों से आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएँ और पितृपक्ष के पावन दिनों में कथा श्रवण कर अपने जीवन और कुल को धन्य बनाएँ। मुख्य रूप से विनोद साजनानी, जगदीश मोहनानी, निर्मला लालवानी, चाँदनी भोजवानी,रानु , इंदु,दीपा रेखा, कला, लीला,शीला, कोमल, पूजा, सुनीता, ममता भारती, मंजू ज्योति, निम्मा आदि मौजूद रही।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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